ये नन्ही कली आती है जब अपनी बगिया में, और आकर भर देती है ,जो खुशियाँ सारे परिवार में, जिनके होने से होती है हर मंजिल आसान , जिनकी बातों में होती है प्यारी से मुस्कान, है वो कली अपने यहाँ तो उसको भी मिलकर दे सारा सम्मान -

मेरी बगिया की नन्ही कली
जिससे महकेगी हर एक गली,
ये प्यारा सा उपवन भी खिल जाएगा
जब कली को न्या रूप मिल जाएगा,
बिखरेगी अपनी वो सुन्दरता
जब झलकेगी उसकी कोमलता,
तब बहारों को मिल जाएगी रागिनी
मेरी नन्ही कली को भी अपनी संगिनी,
आंगन मे मेरे खुशबू फैलाएगी
फूल बन के सदा महकाएगी ,
जब नन्ही कली फूल बन जाएगी
अपनी खुशबू से सब को महकाएगी,
उसकी खुशबू के होंगे सब दीवाने
सभी होंगे अपने , न की बेगाना,
उसके हँसने से हँसेंगे सभी
बातों से उसकी मजे लेंगे सभी ,
आने न देंगे आँखों मैं उसके आसूं
प्यार इतना हर पल उसे देंगे,
मेरी बगिया की नन्ही कली
जिससे महकेगी हर एक गली!!

मेरी बगिया की नन्ही कली
जिससे महकेगी हर एक गली,
ये प्यारा सा उपवन भी खिल जाएगा
जब कली को न्या रूप मिल जाएगा,
बिखरेगी अपनी वो सुन्दरता
जब झलकेगी उसकी कोमलता,
तब बहारों को मिल जाएगी रागिनी
मेरी नन्ही कली को भी अपनी संगिनी,
आंगन मे मेरे खुशबू फैलाएगी
फूल बन के सदा महकाएगी ,
जब नन्ही कली फूल बन जाएगी
अपनी खुशबू से सब को महकाएगी,
उसकी खुशबू के होंगे सब दीवाने
सभी होंगे अपने , न की बेगाना,
उसके हँसने से हँसेंगे सभी
बातों से उसकी मजे लेंगे सभी ,
आने न देंगे आँखों मैं उसके आसूं
प्यार इतना हर पल उसे देंगे,
मेरी बगिया की नन्ही कली
जिससे महकेगी हर एक गली!!
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