Saturday, 10 March 2012

"दहेज" एक अभिशाप .

आती है जब नन्ही परी                                    
इस प्यारे संसार में ।

                  देती है सबको खुशी,  अपने ही परिवार में,

नन्हे-नन्हे पैरों से
दिल सबका जीत लेती है,

                आती है जब नन्ही पारी , इस प्यारे संसार में ।।

पड़ती है धीरे-धीरे
बडती भी धीरे - धीरे है ,

                 मन लगता है सबसे ज्यादा ,  उसका घर परिवार में,

पापा की लाडली है तो
माँ की परछाई है वो,

                    घर की लक्ष्मी बेटिया ,  आखिर में पराई है वो,

पढाने  में माँ बाप इन्हें
करते पूरी मेहनत है,

                    कोई इन्हें कुछ कह न पाये,  धियान में रखते ये सब है,

आती है जब नन्ही पारी
इस प्यारे संसार में ।।

                    बड़ा होता देख बेटी को,  करते है सादी की बात,

सादी की बात करते ही
दहेज आता आड़े हाथ,

                    कौन नहीं चाहता है की ,   उसकी बेटी रहें खुश,

ख़ुशी के लिए ही तो देते है ,
अपनी बेटी को सब कुछ ,

                    फिर क्यों दहेज़ के लालची ,   माँगते है मुहँ से सब कुछ ,

लड़की ,बंगला ,और 2 कार
देदो कुछ पैसा भी यार,

                    आती है जब नन्ही परी,   इस प्यारे संसार में  ।।

शर्म नहीं उनकी आँखों में ,
या पहचान है ,गरीबी की ,

                       नाम बड़ा है ,लेकिन फिर भी ,   हरकत है ,नीचो जैसी ,

बनते लड़के बाले है ,
पर अक्ल नहीं दो पैसो की ,


                      मुहँ इतना खोलते है ,   दहेज़ लेने को दौड़ते है ,

भिखारी जैसी आदत इनकी
जितना दो उतना कम है ,

                     या तो विश्वास नहीं खुद पर ,   या फिर अपने बेटे पर

भला तो फिर वो  है
जो लड़की का बाप है,

                   देते हुए भी लड़की वाला ,   देता हर सम्मान है ,

बेटी को सब कुछ देकर
तुम्हे भी देता दान है,

                   हुआ अमीर फिर लड़की वाला ,   क्यों लड़के वालो को गुमान है,

दिल छोटा ,सोच छोटी ,
कहते अपने को महान है ,

                   बिना लिए दहेज़ तू खुद देख ,   तेरा मान सम्मान है,

आती है जब नन्ही परी
इस प्यारे से संसार में  ।।

                   कहना मेरा मान तो ,   दहेज़ लेना छोड़ तो,

फिर देख एक बार
बनेगा और भी महान तो,

                  तभी, कही जाती ये ,   मिलकर एक ही बात ,

दहेज़ प्रथा है
एक अभिशाप ।।
       



 
 


     


  

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