ये बात है एक छोटी लड़की की,
उम्र है जिसकी 8 साल, ।।
कनक नाम है उसका,
जो देती ख़ुशी -गम का एहसास,
न जाने कहा से लाई वो,
अपने साथ इतनी समझदारी,
घर मैं सबकी प्यारी है ,और,
बाबा की है लाड़ली,
उम्र कम है उसकी फिर भी,
रखती सबका धयान है,
घर के सभी सदस्यों को,
देती वो ज्ञान है,
जब भी कोई घर में आता ,
भाग कर उनका स्वागत करती,
बाबा सहाब जी के बुलाने पर,
एक आवाज में दोड़ती जाती,
दोड़ती में वस यही कहती जाती,
जी बाबा सहाब जी, आई,
ये बात है एक छोटी लड़की की,
उम्र है जिसकी 8 साल, ।।
बाबा सहाब का कहना सुनकर,
पानी देने वो है जाती,
जो देखता है उसे,
कहता एक ही बात है,
बच्ची बहुत प्यारी है,
बच्ची बहुत समझदार है,
ये बात है एक छोटी लड़की की,
उम्र है जिसकी 8 साल, ।।
है नहीं जरा भी आलस,
उसके फुर्ती है शरीर में,
दिखने में गुडिया जैसी है ,
बातों में हेरानी है,
जिद्द करना आता नहीं उसे,
गुस्सा भी आता नहीं है,
जब भी टुकटुक आती है,
दे देती सब कुछ अपना है,
करती हूँ धन्यबाद उस माँ का,
जिसने इसको जन्म दिया,
और करती हूँ उसका भी धन्यबाद,
जिस परिवार में रहकर ये सीखा,
ये बात है एक छोटी लड़की की,
उम्र है जिसकी 8 साल, ।।
कहने को तो ये है अपने,
बुआ ,चाचा की भी प्यारी,
पर न जाने क्यों ये अपने,
बाबा की है बहुत लाड़ली,
प्यारी तो ये मम्मी की और,
अपने पापा की भी है ,
पर न जाने क्यूँ ये है ,
अपने बाबा की ही सबसे प्यारी,
ये बात है एक छोटी लड़की की,
उम्र है जिसकी 8 साल, ।।
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