जब से दोनों चले है साथ
हाथों में हाथ डाल कर यार,
तब से पाई है हर खुशी
खुशी में शामिल हुये है हमी,
चाहे वो कैसा भी मोड़ हो
खुशी या गम की ओर हो,
रहेंगे साथ हर मोड़ पर
सहेंगे सब मिल बाट कर,
मोड़ ऐसा भी आया था
जहाँ बचना न हो पाया था,
पर किस्मत ने साथ दिया
तूने बचा के निकाल लिया,
दर्द तो तुझे भी हुआ था
फिर क्यों इतना चाहा था,
परवाह न करके अपने दर्द की
मुझे मनाने आया था,
मोड ऐसा भी आया था
जहाँ बचना मुश्किल हो गया था,
दवे पांव की आहट से आकर
फिर तूने ही सम्भाला था,
वादा लिया की मैं न रोंउ
पर खुद की आँखों में पानी था,
तेरा साथ सुहाना सफर
कहना ये हर बार ही था, ।।
जानता था समझेगी नहीं
मेरे बिन जियेगी नहीं,
किस तरह आँसु दिखा दूँ इसे
दुबारा कैसे तडपा दूँ इसे,
कैसे चलूंगी बिन तेरे
इस सफर में मैं अकेले,
साथ तेरा है तो हर
मुश्किल भी आसान है,
विश्वास तेरा है तो
जीना मेरा भी अरमान है ,
जब से दोनों चले है साथ
हाथों में हाथ डाल कर यार, ।।
छोड़ता था कभी किस्मत पर
अब करता अपने आप है ,
ये कहना है मेरे साथी का
जो करता बहुत इंतजार है,
क्या करती हूँ , कब करती हूँ
रखता है हर पल की खबर,
क्यूँ करती हूँ , कैसे करती हूँ
पूछता है हर बाट को मगर,
अब भी पलों को याद करके
हस्ते दोनों साथ है,
झगड़ा करना बढ गया है
ये भी कोई बात है,
माना गलती मैं करती हूँ
झगड़ा तुम क्यूँ करते हो,
पलकों पर रखा है तुमने
फिर क्यूँ खोने से डरते हो,
माना जिंदगी लम्बी है
जीना तो पर साथ है,
तेरा साथ सुहाना सफर
कहना ये हर बार है, ।।
हाथों में हाथ डाल कर यार,
तब से पाई है हर खुशी
खुशी में शामिल हुये है हमी,
चाहे वो कैसा भी मोड़ हो
खुशी या गम की ओर हो,
रहेंगे साथ हर मोड़ पर
सहेंगे सब मिल बाट कर,
मोड़ ऐसा भी आया था
जहाँ बचना न हो पाया था,
पर किस्मत ने साथ दिया
तूने बचा के निकाल लिया,
दर्द तो तुझे भी हुआ था
फिर क्यों इतना चाहा था,
परवाह न करके अपने दर्द की
मुझे मनाने आया था,
मोड ऐसा भी आया था
जहाँ बचना मुश्किल हो गया था,
दवे पांव की आहट से आकर
फिर तूने ही सम्भाला था,
वादा लिया की मैं न रोंउ
पर खुद की आँखों में पानी था,
तेरा साथ सुहाना सफर
कहना ये हर बार ही था, ।।
जानता था समझेगी नहीं
मेरे बिन जियेगी नहीं,
किस तरह आँसु दिखा दूँ इसे
दुबारा कैसे तडपा दूँ इसे,
कैसे चलूंगी बिन तेरे
इस सफर में मैं अकेले,
साथ तेरा है तो हर
मुश्किल भी आसान है,
विश्वास तेरा है तो
जीना मेरा भी अरमान है ,
जब से दोनों चले है साथ
हाथों में हाथ डाल कर यार, ।।
छोड़ता था कभी किस्मत पर
अब करता अपने आप है ,
ये कहना है मेरे साथी का
जो करता बहुत इंतजार है,
क्या करती हूँ , कब करती हूँ
रखता है हर पल की खबर,
क्यूँ करती हूँ , कैसे करती हूँ
पूछता है हर बाट को मगर,
अब भी पलों को याद करके
हस्ते दोनों साथ है,
झगड़ा करना बढ गया है
ये भी कोई बात है,
माना गलती मैं करती हूँ
झगड़ा तुम क्यूँ करते हो,
पलकों पर रखा है तुमने
फिर क्यूँ खोने से डरते हो,
माना जिंदगी लम्बी है
जीना तो पर साथ है,
तेरा साथ सुहाना सफर
कहना ये हर बार है, ।।


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