कहने को तो छोटा है, मेरा भाई ,
पर बातें करता है ,समझदारी की ।।
चिन्ता करता है, भविष्य की ,
पर बात न माने किसी की ,
पापा ,भईया जब समझाते ,
सुनता है बड़े धयान ,
लगता है, सब समझ रहा है ,
पर असल मे होता है, वो बोर,
कहने को तो छोटा है ,मेरा भाई,
पर बाते करता है, समझदारी की ।।
कहता है मन मे, हो गयी अब तो,
जाने दो मुझको दोस्तों के साथ बहार,
अभी में हूँ बहुत छोटा,
न दो मुझको इतना भार,

हो गया है २० का पर,
कहता है हूँ 18 का मैं,
कहने को तो छोटा है, पर
बाते समझदारी की ।।
जब आता मेरे पास,
कहता छोटी क्या करूँ मैं ,
मुझे भी कोई राह दिखाओ,
पापा जैसा मुझे बनाओ,
है, भोला भाला, सबका प्यारा,
आदत नहीं उसकी ख़राब,
भूखा किसी को सोने न दे,
खुद भी भूखा रह न पाए,
कहता क्यों डरते हो, अंधरे से ,
गलती अंधरे की नहीं हमारी है,
कहने मे है वो छोटा, पर
बात समझदारी की है ।।
न जाने क्यों भईया से डरता है वो, इतना
एक आवाज पर भईया की भागा चला आता है वो,
जानता है अच्छे से की ,
भईया को सबसे प्यारा है वो,
न जाने फिर भी क्यों,
भईया से इतना डरता है वो,
कहने में है वो छोटा , पर
बाते समझदारी की ।।
Written by:-
Renu Singh.
पर बातें करता है ,समझदारी की ।।
चिन्ता करता है, भविष्य की ,
पर बात न माने किसी की ,
पापा ,भईया जब समझाते ,
सुनता है बड़े धयान ,
लगता है, सब समझ रहा है ,
पर असल मे होता है, वो बोर,
कहने को तो छोटा है ,मेरा भाई,
पर बाते करता है, समझदारी की ।।
कहता है मन मे, हो गयी अब तो,
जाने दो मुझको दोस्तों के साथ बहार,
अभी में हूँ बहुत छोटा,
न दो मुझको इतना भार,

हो गया है २० का पर,
कहता है हूँ 18 का मैं,
कहने को तो छोटा है, पर
बाते समझदारी की ।।
जब आता मेरे पास,
कहता छोटी क्या करूँ मैं ,
मुझे भी कोई राह दिखाओ,
पापा जैसा मुझे बनाओ,
है, भोला भाला, सबका प्यारा,
आदत नहीं उसकी ख़राब,
भूखा किसी को सोने न दे,
खुद भी भूखा रह न पाए,
कहता क्यों डरते हो, अंधरे से ,
गलती अंधरे की नहीं हमारी है,
कहने मे है वो छोटा, पर
बात समझदारी की है ।।
न जाने क्यों भईया से डरता है वो, इतना
एक आवाज पर भईया की भागा चला आता है वो,
जानता है अच्छे से की ,
भईया को सबसे प्यारा है वो,
न जाने फिर भी क्यों,
भईया से इतना डरता है वो,
कहने में है वो छोटा , पर
बाते समझदारी की ।।
Written by:-
Renu Singh.
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