कहने को तो नाम है " लड्डू "
पर इस नाम में जान है " लड्डू ",।।
सोचा ना था कहूँगी " लड्डू "
मन से ये निकला है " लड्डू "
है प्यारे नाम और भी " लड्डू "
पर खास है तेरा ही नाम " लड्डू "
जब भी कहती हूँ में " लड्डू "
हाँ बोल, कहता है मेरा " लड्डू "
कहने को तो नाम है " लड्डू "
पर इस नाम में जान है " लड्डू ",।।
चाहे मेरा गुस्सा छुये आसमा को
या उसका छुये धरती को,
सामने आता है तो वस
यही एक नाम है मेरा " लड्डू "
जब भी बातें उसकी होती
दोस्तों से वस यही में कहती,
दिखने में सीधा है " लड्डू "
बोलने में टेड़ा मेरा " लड्डू "
कहने को तो नाम है " लड्डू "
पर इस नाम में जान है " लड्डू ",।।
भोला भाला है वो प्यारा
मेरे सपनो का वो सहारा,
बिन " लड्डू " आँखे ना खोलू
बिन " लड्डू " मैं भी ना सोउ,
यदि मैं कह ना पाऊ " लड्डू "
जल्द टोकता है मेरा " लड्डू "
आज हुआ किया है तुम्हें
" लड्डू " कहा नहीं है हमें,
जब तक केहेल्बा ना लेता " लड्डू "
बात मेरी ना सुनता " लड्डू "
कहने को तो नाम है " लड्डू "
पर इस नाम में जान है " लड्डू ",।।
जब भी बात आई नाम की
मुँह से निकला है सिर्फ " लड्डू "
पहचान भी बन गई " लड्डू " से
अरमान भी बन गए " लड्डू " से
बंध गई में इस तरह " लड्डू " से
जिस तरह डोर बंधी हो साथी से,
अब तो पाना है " लड्डू " को
हर राह में चाहना है " लड्डू " को,
आखिरी साँस तक कहती जाऊं
" लड्डू " नाम कभी ना भूलाऊँ
कहने को तो नाम है " लड्डू "
पर इस नाम में जान है " लड्डू ",।।
पर इस नाम में जान है " लड्डू ",।।
सोचा ना था कहूँगी " लड्डू "
मन से ये निकला है " लड्डू "
है प्यारे नाम और भी " लड्डू "
पर खास है तेरा ही नाम " लड्डू "
जब भी कहती हूँ में " लड्डू "
हाँ बोल, कहता है मेरा " लड्डू "
कहने को तो नाम है " लड्डू "
पर इस नाम में जान है " लड्डू ",।।
चाहे मेरा गुस्सा छुये आसमा को
या उसका छुये धरती को,
सामने आता है तो वस
यही एक नाम है मेरा " लड्डू "
जब भी बातें उसकी होती
दोस्तों से वस यही में कहती,
दिखने में सीधा है " लड्डू "
बोलने में टेड़ा मेरा " लड्डू "
कहने को तो नाम है " लड्डू "
पर इस नाम में जान है " लड्डू ",।।
भोला भाला है वो प्यारा
मेरे सपनो का वो सहारा,
बिन " लड्डू " आँखे ना खोलू
बिन " लड्डू " मैं भी ना सोउ,
यदि मैं कह ना पाऊ " लड्डू "
जल्द टोकता है मेरा " लड्डू "
आज हुआ किया है तुम्हें
" लड्डू " कहा नहीं है हमें,
जब तक केहेल्बा ना लेता " लड्डू "
बात मेरी ना सुनता " लड्डू "
कहने को तो नाम है " लड्डू "
पर इस नाम में जान है " लड्डू ",।।
जब भी बात आई नाम की
मुँह से निकला है सिर्फ " लड्डू "
पहचान भी बन गई " लड्डू " से
अरमान भी बन गए " लड्डू " से
बंध गई में इस तरह " लड्डू " से
जिस तरह डोर बंधी हो साथी से,
अब तो पाना है " लड्डू " को
हर राह में चाहना है " लड्डू " को,
आखिरी साँस तक कहती जाऊं
" लड्डू " नाम कभी ना भूलाऊँ
कहने को तो नाम है " लड्डू "
पर इस नाम में जान है " लड्डू ",।।
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